yaar, matlab samjho na, my dad built this house with dreams from the Gulf but now he just sits in the corner talking to the wall like it understands him, घर वाले समझते नहीं, like maybe it is all just one big misunderstanding, and I wonder if he even knows what he missed out on...
उस दिन पिताजी ने फसल में सब कुछ खो दिया और दवा पी ली, एक हफ्ते बाद सरकार ने लोन माफ़ कर दिए जैसे किसी को समझ में आया हो कि हमारे दिल में क्या चल रहा था।
गजब की बात ये है कि शादी के दिन ही समझ में आया कि घर वालों ने कितना बड़ा जाल बुना है — अब पता नहीं कैसे अपने माता-पिता को बताऊँ कि ये मैं नहीं था, ये तो एक नाटक बन गया है। शादी के तो कई फोटो हैं लेकिन शादी नहीं हुई, बस ऐसा लगता है जैसे मैं खुद को किसी और के जाल में उलझा के रख रहा हूँ।
गजब की बात ये है कि शादी के दिन ही समझ में आया कि घर वालों ने कितना बड़ा जाल बुना है — अब पता नहीं कैसे अपने माता-पिता को बताऊँ कि ये मैं नहीं था, ये तो एक नाटक बन गया है। शादी के तो कई फोटो हैं लेकिन शादी नहीं हुई, बस ऐसा लगता है जैसे मैं खुद को किसी और के जाल में उलझा के रख रहा हूँ।
spent four years pouring my soul into a startup just to find out my cofounder thought forging documents was the way to go—now I am a proud owner of a lovely pile of debt and no way to afford a lawyer. guess I should've invested in a better choice of friends instead of fancy coffee.