sometimes i just stare at my guitar sitting in the corner — barely picked it up in months, but the sound of it always made me feel something, and now i just scroll through my feed watching others jam and grow and i keep thinking about that song i never finished writing — my fingers miss the strings, but life just keeps piling on top of everything else.
کتاب پڑھتے پڑھتے اچانک ایک جملہ ایسا ملا کہ دل کو سکون آگیا - پچھلے ہفتے کی سب فکر و پریشانی بس پھٹ کر اڑ گئی - کوئی سمجھتا نہیں کہ الفاظ کتنی طاقت رکھتے ہیں۔ کبھی کبھی بس وہ ایک جملہ سب کچھ بدل دیتا ہے، جیسے زندگی پھر سے شروع ہو رہی ہے۔
कभी कभी सोचता हूँ कि अगर उसकी पसंद का खाना बनाता तो शायद सब कुछ अलग होता, कोई तो जानता नहीं ये चीज़ें कितनी महत्वपूर्ण होती हैं। बस ये ख्याल हर रात परेशान करता है।
कभी कभी सोचता हूँ कि अगर उसकी पसंद का खाना बनाता तो शायद सब कुछ अलग होता, कोई तो जानता नहीं ये चीज़ें कितनी महत्वपूर्ण होती हैं। बस ये ख्याल हर रात परेशान करता है।
कभी कभी सोचता हूँ, यार, मेरी किताबों की अलमारी एकदम चुप्पा सा कमरे में खड़ी है, जैसे कुछ बोलना चाहती हो पर हर बार जब मैं उससे बात करने जाता हूँ, वो सिर्फ धूल फेंकती है और मैं बेताब होकर कुछ नहीं पढ़ता क्योंकि यार, इंटेलिजेंस डैडलाइन पार कर गई है, कोई समझता नहीं, बस वो भूतिया शांति है जो मेरी सेहत को ख़राब कर रही है।