WhisperDog

Thoughts: घर वाले सोचते हैं वो ठीक होंगे अगर उसे तंत्र-मंत्र से सही किया जाए, पर जब मैं उस…

सच में यार, साला मेरे फ्लैट की दीवारें अब घोंघे जैसी हो गई हैं, फफूंदी निकालते हुए और बगल वाले की बेटी जर्मनी में पढ़ाई कर रही है जबकि मैं अपनी महीने की सैलरी से बस काम चलाते हुए फिर भी कभी किसी दोस्त के घर में चाय पर भी नहीं जा पा रहा।

literally just checked my account and can’t believe there’s not even enough for a simple dinner, honestly thought i could at least treat myself to something nice but now i just feel so stuck, yaar, matlab samjho na, हर बार यही होता है.

घर वाले सोचते हैं वो ठीक होंगे अगर उसे तंत्र-मंत्र से सही किया जाए, पर जब मैं उसे उन चेन से देखता हूँ, तो कभी कभी सोचता हूँ कि मैं कुछ और कर सकता था। मैं वहां से निकलकर कुछ नहीं करता, बस मौन रहता हूँ।

घर वाले सोचते हैं वो ठीक होंगे अगर उसे तंत्र-मंत्र से सही किया जाए, पर जब मैं उसे उन चेन से देखता हूँ, तो कभी कभी सोचता हूँ कि मैं कुछ और कर सकता था। मैं वहां से निकलकर कुछ नहीं करता, बस मौन रहता हूँ।

franklin castle started the slavery debate again, while the real criminals are the politicians like dan andrews using it for votes after ruining lives with his lockdowns!