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Stories: yaar, matlab samjho na, ek baar apne uncle ko message bhejna tha aur galti se mu…

मतलब यार, बस ऐसा लगा जैसे शादी के बाद सब कुछ किसी फर्जी लॉगिन जैसा हो गया है और घर वाले समझते नहीं कि मैं ये नहीं चाहती थी।

घर वाले समझते नहीं, मैं हर दिन अपनी छोटी सी अपार्टमेंट में अकेली बैठी होती हूँ और सोचती हूँ कि सब लोग कितने आगे बढ़ रहे हैं - मैं जब अपने नए पेंटिंग सेट के साथ प्रैक्टिस करती हूँ तो ये हमेशा मेरे दिमाग में आता है कि मेरी दोस्त बर्तन बेच रही हैं और अच्छी कमाई कर रही हैं, पर मैं बस इस ब्रश को कैनवास पर घुमा रही हूँ, जैसे ये सब बदलने वाला है- पर ऐसा कुछ नहीं होता, सिर्फ एक और दिन।

yaar, matlab samjho na, ek baar apne uncle ko message bhejna tha aur galti se mujhe bhej diya — wo bhi mera dil ka haal, ab soch raha hoon kya samjhega wo. अब वो मुझसे हर बार वही बात पूछता है जब भी मिलता है — just kill me already.

yaar, matlab samjho na, ek baar apne uncle ko message bhejna tha aur galti se mujhe bhej diya — wo bhi mera dil ka haal, ab soch raha hoon kya samjhega wo. अब वो मुझसे हर बार वही बात पूछता है जब भी मिलता है — just kill me already.

सिर्फ दो महीने बचे हैं और वो दोस्त जो पहले महीने से नौकरी कर रहे थे अब अपना नया नया अपार्टमेंट दिखा रहे हैं, पर मैं उसी पुरानी जगह पर हूँ, उधारी से भरे मन के साथ, समझ नहीं आता घर वाले क्यों नहीं समझते कि ये सब कितना कठिन है।