just got the results back from my art submission and they accepted it into the gallery. like, i was so convinced it would get rejected and was already dreading the fallout but now i just feel light and grateful that i actually put myself out there.
कल अपनी माँ से कहा कि मुझे और बर्तनों की ज़रूरत है, लेकिन सच्चाई यह है कि मेरे पास पैसे नहीं है और कोई समझता नहीं। बस सब समझते हैं कि मेरी ज़िंदगी परफेक्ट है पर ये बिल्स और क़र्ज़ मेरा सिर खा रहे हैं।
घर वाले समझते नहीं कि वो रात की बातें अब भी मेरे दिमाग में घूमती हैं, literally कोई बात नहीं कर सकता।
घर वाले समझते नहीं कि वो रात की बातें अब भी मेरे दिमाग में घूमती हैं, literally कोई बात नहीं कर सकता।
रात को अकेले सोते वक्त मेरे मस्तिष्क में कुछ यादें आती हैं, 10 साल पहले की, जब सब कुछ इतना सरल था और अब मेरे दोस्त सब आगे बढ़ गए हैं, कोई अपने काम में सफल है, कोई अपने बिजनेस में, जबकि मैं बस यहाँ पर बिन वजह अपनी पढ़ाई और कुछ खोई हुई अपेक्षाओं में उलझा हुआ हूँ. मुझे ये याद आती है कि कैसे मैंने कोशिश की थी, पर आज सिर्फ खालीपन ही बाकी है.