WhisperDog

General: क्योंकि वो सब तो विदेश में है, इस समय सिर्फ मैं ही माँ का ख्याल रख रहा हूँ। बचा …

yaar, matlab samjho na, maine kal socha tha bas thoda time spend karunga apne guitar ke sath, par woh itni saaf nahi thi—uska sound woh nahi aaya jo chahiye tha, ab mein soch raha hoon kya main kabhi seekh paunga? ghar wale toh keh rahe hain yeh sirf ek shauq hai, koi samajhta nahi ke mere liye yeh kitna maayne rakhta hai.

घर वाले समझते नहीं, जब मैंने कहा था कि मैं कैसे महसूस करता हूँ, पर अब तो एकदम खामोशी है, सिर्फ मैं और मेरे विचार हैं, कहीं से भी मदद नहीं मिलती, और मैं सोच रहा हूँ कि दोस्त किसको कहते हैं, किसी को कॉल नहीं कर सकता, जैसे सब कुछ वीरान सा।

क्योंकि वो सब तो विदेश में है, इस समय सिर्फ मैं ही माँ का ख्याल रख रहा हूँ। बचा हुआ पैसों से एक हफ्ते का राशन नहीं आ रहा और मुझे पता है वो ये कभी नहीं समझेंगे।

क्योंकि वो सब तो विदेश में है, इस समय सिर्फ मैं ही माँ का ख्याल रख रहा हूँ। बचा हुआ पैसों से एक हफ्ते का राशन नहीं आ रहा और मुझे पता है वो ये कभी नहीं समझेंगे।

just got another rejection for my artwork and saw my neighbor's big exhibit being posted all over social media like it’s nothing while my paint still sits drying in this cramped apartment and feels like the walls are closing in.