क्या तुम भी कभी ऐसा सोचते हो? जब सब दोस्त शादी करके आगे बढ़ गए, मैं यहाँ अकेला हूँ। मेरे घर वाले तो मुझे समझाते हैं जैसे मैं कभी शर्मा जी के बेटे की तरह बन पाऊंगा। घर पर बैठा- बैठा यही सोच रहा हूँ कि एक ही मैच के चलते मैं अपने दोस्तों की शर्ट जैसी एक अजीब चीज़ पहने खुद को पागल बना रहा हूँ, क्योंकि अब कौन देखेगा? मुझे मोहम्मद सैय्याम के वो डेडली थ्रो याद हैं, उन पर जलने की बजाए मैं खुद को उन यंग खि...
honestly, i just spent an hour drafting a text to my neighbor about the weird smell coming from their yard, went through forty-seven drafts, used the words "potentially" and "unpleasant" too many times, then just sent 'ok' like it was a polite reply, but in reality, it’s a desperate plea for a home that doesn’t smell like rotten something. my life is a tragic sitcom, except the audience has left t...
मुझे यार, समझ नहीं आता कि शादी के बाद मेरा सबसे अच्छा दोस्त इतना दूर क्यों हो गया. हर फेस्टिवल पर घरवालों का एक ही सवाल होता है, "तुम्हारे लिए शादी कब?" जैसे कि उनका ये टेंशन मैं नहीं समझता. घर वाले समझते नहीं, हर बार मेरे रिश्तेदारों की बातें सुनकर लगता है, “कितना करूँ मैं?" और जब देखता हूँ ये मोहम्मद सैय्यम वाले मस्त मैच, मैं सोचता हूँ कि एक अच्छा खिलाड़ी वही है जो परफॉर्म कर रहा है, पर मुझसे क्या उम्मीदें हैं—अरे कोई समझता नहीं क्या मैं किस दबाव में हूँ? ठीक वही तो लगता है, परिवार की तुलना से शुरू होकर एकदम अलग रास्ते पर चल पड़ना. लेकिन मैं तो... कुछ और ही सोचा था, अभी तो सिचुएशन ये है कि जैसे किसी भी मूवी में क्लाइमेक्स आए और मैं वहीं फंस जाऊं, क्या करू भाई? #MohammadSayyam #زندگی
मुझे यार, समझ नहीं आता कि शादी के बाद मेरा सबसे अच्छा दोस्त इतना दूर क्यों हो गया. हर फेस्टिवल पर घरवालों का एक ही सवाल होता है, "तुम्हारे लिए शादी कब?" जैसे कि उनका ये टेंशन मैं नहीं समझता. घर वाले समझते नहीं, हर बार मेरे रिश्तेदारों की बातें सुनकर लगता है, “कितना करूँ मैं?" और जब देखता हूँ ये मोहम्मद सैय्यम वाले मस्त मैच, मैं सोचता हूँ कि एक अच्छा खिलाड़ी वही है जो परफॉर्म कर रहा है, पर मुझसे क्या उम्मीदें हैं—अरे कोई समझता नहीं क्या मैं किस दबाव में हूँ? ठीक वही तो लगता है, परिवार की तुलना से शुरू होकर एकदम अलग रास्ते पर चल पड़ना. लेकिन मैं तो... कुछ और ही सोचा था, अभी तो सिचुएशन ये है कि जैसे किसी भी मूवी में क्लाइमेक्स आए और मैं वहीं फंस जाऊं, क्या करू भाई? #MohammadSayyam #زندگی
ever wonder if you’re just a punchline in someone else’s story? like the other day, my parents introduced me as "MNC mein kaam karta hai" with so much pride, while I’m here slurping down maggi for dinner, thinking yaar, matlab samjho na, nobody understands the loneliness of making so little and sending it back home. I saw that Mohammad Sayyam moment on TV, felt that rush of passion, and thought, k...