WhisperDog

Appreciation: घर वाले समझते नहीं जब मैं अकेले सोफे पर बैठा रहता हूँ और सबको देखकर उनकर लाइफ की…

got stuck in line at the post office for over an hour, and when i finally got to the counter, they told me i filled out the form wrong and had to start all over, like what even is the point of having forms if you need to be a genius to figure them out

याार, पता नहीं क्यों पर जो मेरा caste पता चला वो जैसे सबको एकदम से याद दिला गया कि हम सभी कितने अलग हैं—लंच की دعوتें गायब हैं और अब तो प्रमोशन की उम्मीद भी छोड़ दी है।

घर वाले समझते नहीं जब मैं अकेले सोफे पर बैठा रहता हूँ और सबको देखकर उनकर लाइफ की बातें सुनता हूँ, सच में मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं सिर्फ एक टुकड़ा हूँ इस जगह का।

घर वाले समझते नहीं जब मैं अकेले सोफे पर बैठा रहता हूँ और सबको देखकर उनकर लाइफ की बातें सुनता हूँ, सच में मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं सिर्फ एक टुकड़ा हूँ इस जगह का।

ہر وقت اکیلا لگتا ہے، نئے شہر میں ہوں، ایک نئی زندگی کے لیے کھڑا، لیکن جب بھی کسی کو بلانے کا سوچتا ہوں تو لگتا ہے کہ اس نمبر پہ کوئی نہیں اٹھائے گا۔