आगे-पीछे सब मजाक में कहेंगे कि ये शादी करना सबका नसीब होता है, पर सच्चाई ये है कि हमारी इज्जत का मतलब कोई नहीं समझता, जैसे मॉडिजी के भाषणों का असली असर।
बिल भरने के लिए पैसे नहीं हैं, बस थोड़ी सी बचत थी और वो भी खत्म हो गई। यार, सोचता हूँ कि अब क्या करूँ, समझ नहीं आ रहा।
मुझे आज अचानक वो पुरानी चिट्ठी याद आई जो मैंने कभी भेजी नहीं थी, यार, ऐसे लगता है जैसे किसी ने मुझसे मेरा नाम ले लिया हो और अब वो फ़ोन कॉन्टैक्ट्स में कोई नहीं है, बस अकेलापन है.
मुझे आज अचानक वो पुरानी चिट्ठी याद आई जो मैंने कभी भेजी नहीं थी, यार, ऐसे लगता है जैसे किसी ने मुझसे मेरा नाम ले लिया हो और अब वो फ़ोन कॉन्टैक्ट्स में कोई नहीं है, बस अकेलापन है.
মাহবুব আলী হত্যা মামলায় ধরা খেয়েছে, আর বাংলাদেশে এদের সাজা কখন হবে? এমনি ক পড়ে যাবে এই প্রতিমন্ত্রী পুলিশের কবলে!